अंश ही पहला प्रश्न क्यों है
वास्तु का हर विश्लेषण एक ही प्रश्न से शुरू होता है — मुख किस दिशा में है? "लगभग उत्तर" कहना पर्याप्त नहीं, क्योंकि शास्त्रीय वास्तु परंपरा वृत्त को ऐसे क्षेत्रों में बाँटती है जिनका स्वभाव कुछ ही अंशों में बदल जाता है। 5° का द्वार और 40° का द्वार अलग-अलग ज़ोन में पड़ते हैं और उनका फल भी अलग माना जाता है। लाइव कम्पास (Live compass) आपके फ़ोन को ही मापक यंत्र बना देता है और घुमाते ही दिशा का अंश दिखाता है।
टूल क्या दिखाता है
जहाँ मापना हो वहाँ खड़े हों; डायल उत्तर से लिया गया लाइव कोण दिखाता रहता है। संख्या स्थिर हो जाए तो उसे लिख लीजिए — यही एक अंश 16 ज़ोन से लेकर 32 द्वार तक, VastuMaster के हर टूल का आधार-इनपुट है। टूल केवल आपके उपकरण का कम्पास सेंसर पढ़ता है; कुछ भी अपलोड नहीं होता।
इस टूल का उपयोग कैसे करें
फ़ोन को थाली की तरह समतल पकड़िए, लोहे की बीम, रेफ़्रिजरेटर, स्पीकर और वाहनों से दूर रहिए, और मुख्य द्वार पर भीतर से बाहर की ओर देखते हुए सीधे खड़े होइए। उपकरण कहे तो फ़ोन को एक बार अंग्रेज़ी के आठ के आकार में घुमाकर कैलिब्रेट कर लीजिए। अंक स्थिर होने पर पढ़िए और दो बार दोहराइए; यदि पाठ्यांक दो-एक अंश के भीतर मिलते हैं, तो वही आपका मुख-कोण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. मेरा पाठ्यांक उछलता रहता है, कारण क्या है? पास की धातु या चुंबक फ़ोन के सेंसर को बिगाड़ते हैं। कुछ कदम हटिए, पुनः कैलिब्रेट कीजिए और जो पाठ्यांक बार-बार दोहराए, उसी को मानिए।
प्र. मापना भीतर से है या बाहर से? मुख्य द्वार पर भीतर खड़े होकर बाहर की ओर देखिए; जिस ओर दृष्टि है, वही मुख-दिशा है।
प्र. क्या फ़ोन का कम्पास पर्याप्त सटीक है? ज़ोन-स्तर के काम के लिए हाँ — यदि कैलिब्रेट हो और धातु से दूर हो। सीमा-रेखा के मामलों में भौतिक कम्पास से पुनः जाँच समझदारी है।
यह पृष्ठ पारंपरिक सिद्धांत की व्याख्या करता है; यह किसी विशिष्ट ग्रंथ का नाम नहीं लेता।